(N/A) आंतरिक कान में स्थित वेस्टिबुलर तंत्र,शरीर के संतुलन और मुद्रा को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार मुख्य संवेदी संरचना है।
वेस्टिबुलर तंत्र दो मुख्य घटकों से बना है:
$1$. अर्धवृत्ताकार नलिकाएं: तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाएं होती हैं,जिनमें से प्रत्येक का आधार फूला हुआ होता है जिसे एम्पुला (ampulla) कहा जाता है। एम्पुला में क्रिस्टा एम्पुलरिस नामक एक उभरी हुई रिज होती है,जिसमें बाल कोशिकाएं (hair cells) होती हैं। ये नलिकाएं सिर की घूर्णी या कोणीय गति के प्रति संवेदनशील होती हैं।
$2$. ओटोलिथ अंग (यूट्रिकल और सैक्यूल): ये वेस्टिब्यूल के भीतर स्थित होते हैं और इनमें मैकुला नामक एक उभरी हुई रिज होती है। मैकुला में बाल कोशिकाएं होती हैं और यह ओटोलिथ नामक कैल्शियम कार्बोनेट क्रिस्टल युक्त जिलेटिनस परत से ढका होता है। ये संरचनाएं रैखिक त्वरण और गुरुत्वाकर्षण के सापेक्ष सिर की स्थिति में परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होती हैं।
कार्यप्रणाली: जब सिर हिलता है,तो अर्धवृत्ताकार नलिकाओं के भीतर एंडोलिम्फ या यूट्रिकल और सैक्यूल में ओटोलिथ स्थानांतरित हो जाते हैं। यह गति जिलेटिनस झिल्ली के विस्थापन का कारण बनती है,जो बदले में बाल कोशिकाओं को मोड़ देती है। यह मुड़ना तंत्रिका आवेग उत्पन्न करता है जो वेस्टिबुलर तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क तक प्रेषित होते हैं,जिससे शरीर अपनी मुद्रा को समायोजित कर सकता है और संतुलन बनाए रख सकता है।